स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने, विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की थैलेसीमिया बाल सेवा योजना (टीबीएसवाई) के तीसरे चरण का शुभारंभ किया, जिले कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा उनके कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) पहल के रूप में समर्थन दिया जा रहा है। थैलेसीमिया एक वंशानुगत रोग है जो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम होने की वजह से होता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 2017 से टीबीएसवाई को लागू किया जा रहा है और हाल ही में मार्च 2023 में इसका दूसरा चरण पूरा हुआ। कोल इंडिया सीएसआर द्वारा आर्थिक सहायता से हेमैटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांस्प्लांट (एचएससीटी) कार्यक्रम उन गरीब थैलेसीमिया रोगियों के लिए एक अनूठी पहल है जिनके पास ट्रांसप्लांट के लिए मैच डोनर संबंधी होते हुए भी इस प्रक्रिया के लिए आर्थिक संसाधन नहीं होते। इस कार्यक्रम के तहत दो चरणों में भारत के 10 इंपैनल्ड अस्पतालों में थैलेसीमिया रोगियों के लिए 356 हड्डी मज्जा प्रत्यारोपण को सफलतापूर्वक पूरा किया है। कार्यक्रम का तीसरा चरण में एचएससीटी करने वाली संस्थाओं को सीआईएल से सीधे 10 लाख रुपये की शुल्क दर के पैकेज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना जारी रहेगा। यह कार्यक्रम गरीब थैलेसीमिया रोगियों और एप्लास्टिक एनीमिया के रोगियों को लाभ पहुंचाएगा, जो एक ऐसी बीमारी है, जिसका यदि उपचार न हो तो जीवन खतरे में पड़ सकता है। इस कार्यक्रम में भारत के 10 प्रतिष्ठित अस्पतालों को शामिल किया गया है, जिनमें नई दिल्ली का एम्स, वेल्लोर का सीएमसी, मुंबई का एमसीजीएम अस्पताल, मुंबई का कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल , चंडीगढ़ का पीजीआईएमईआर , नई दिल्ली का राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट, लखनऊ का एसजीपीजीआई, बैंगलोर का नारायण हृदयालय, लुधियाना का सीएमसी और कोलकाता का टाटा मेडिकल सेंटर शामिल हैं। सीआईएल ने योजना के लिए ऑनलाइन आवेदनों को सशक्त बनाने के लिए एक वेब-पोर्टल बनाया है। मरीज पंजीकरण करने से लेकर बंद करने तक अपने आवेदन की प्रगति को पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम में जान सकेंगे। यह पोर्टल योजना के तीसरे चरण के साथ शुरू किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सीएसआर की एक सफल पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो थैलेसीमिया रोगियों और उनके परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है। आशा है कि योजना के तीसरे चरण से थैलेसीमिया रोगियों और उनके परिवारों को आशा और राहत लाना जारी रहेगा, और एक स्वस्थ और उदार भारत के निर्माण में योगदान देगा। सोर्स: पीआईबी