एक ही किडनी होना किसी भी व्यक्ति के शरीर में एक ही किडनी हो, तो यह स्वभाविकरूप से उसके लिए चिंता का कारण बन जाता है। इस विषय में लोगों के मन में उठनेवाली शंकाओं का निवारण करते हुए उन्हें इस विषय से संबंधित गलतफहमी दूर करने और उचित मार्गदर्शन देने का प्रयास किया गया है। एक ही किडनीवाले व्यक्ति को दैनिक जीवन में क्या तकलीफ होती है और किसलिए? एक ही किडनीवाले व्यक्ति के दैनिक जीवन में मेहनत करने या सहवास में कोई परेशानी नहीं होती है। साधारणतः प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में दो किडनी होती है। परन्तु, प्रत्येक किडनी में इतनी कार्यक्षमता रहती है की वह शरीर का सारा जरुरी काम सम्पूर्ण रूप से अकेली कर सकती है। अधिकतर समय एक किडनीवाला व्यक्ति अपना जीवन सामान्य रूप से जीता है। उसे शरीर में एक किडनी होने का पता ज्यादातर आकस्मिक जाँच के दौरान होता है। कुछ लोगों में जिनकी एक ही किडनी होती है, उनमें कभी-कभी इसके कारण कुछ दुष्प्रभाव जैसे- उच्च रक्तचाप और पेशाब में प्रोटीन का जाना आदि देखा गया है। किडनी के कार्यों में कमी होना बहुत दुर्लभ है। एक ही किडनी होने के क्या क्या कारण हैं? एक ही किडनी होने के निम्नलिखित कारण हैं: जन्म से ही शरीर में एक किडनी का होना। ऑपरेशन द्वारा शरीर से एक किडनी निकाल दी गई हो। ऑपरेशन द्वारा एक किडनी निकालने का मुख्य कारण किडनी में पथरी का होना, मवाद होना अथवा लम्बे समय से मूत्रमार्ग में अवरोध के कारण एक किडनी का काम करना बंद कर देना एवं किडनी में कैंसर की गाँठ का होना हो सकता है। किडनी प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों में नई लगाई गई एक ही किडनी काम करती है। एक किडनीवाले व्यक्ति को दैनिक कार्य करने में और सामान्यतः जीवन में कोई भी तकलीफ नहीं होती है। जन्म से शरीर में एक ही किडनी होने की संभावना कितनी होती है? जन्म से शरीर में एक ही किडनी होने की संभावना स्त्रियों की तुलना में पुरूषों में ज्यादा होती है और इसकी संभावना लगभग 750 व्यक्तियों में से एक व्यक्ति में होती है। पुरुष में एक ही किडनी का होना बहुत आम बात है। प्रायः बायें तरफ की किडनी ही नहीं होती है। एक ही किडनीवालों को क्यों सतर्कता रखनी जरुरी होती है? सामान्यतः एक किडनीवाले व्यक्ति को कोई तकलीफ नहीं होती है। परन्तु, इस प्रकार के व्यक्ति की तुलना बिना स्पेयर व्हील (अतिरिक्त पहिये) की गाड़ी के साथ की जाती है। मरीजों की एक मात्र काम करती किडनी को यदि किसी कारण से नुकसान पहुँचे तो दूसरी किडनी नहीं होने के कारण शरीर का काम पूरी तरह रुक जाता है। यदि यह किडनी फिर से थोड़े समय में काम करने न लगे, तो शरीर पर इसकी कई विपरीत असर होने लगती हैं, जो धीरे-धीरे प्राणघातक भी हो सकती है। ऐसे व्यक्ति को तुरंत डायालिसिस की जरूरत पड़ सकती है। शरीर की आवश्यकताओं का सामना करने के लिए एक ही किडनी सामान्य किडनी से ज्यादा बड़ी और भारी हो सकती है। इस तरह की बढ़ी हुई किडनी को चोट लगने का ज्यादा खतरा रहता है। व्यक्ति की एकमात्र किडनी को नुकसान होने की संभावना कब रहती है? एकमात्र किडनी के मूत्रमार्ग में पथरी के कारण अवरोध होना। पेट के किसी ऑपरेशन के दौरान किडनी में से पेशाब ले जानेवाली नली, मूत्रवाहिनी भूल से बांध दी गई हो। कुश्ती, मुक्केबाजी और कराटे, फुटबॉल, हॉकी जैसे खेलों के दौरान अचानक किडनी में चोट लगना। बहुत से लोगों में जन्म से ही एक किडनी होती है। एक किडनी वाले व्यक्तियों को क्या सतर्कता रखनी चाहिए? जिन लोगों की एक ही किडनी है उन्हें किसी भी प्रकार के उपचार या चिकित्सा की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन अकेली किडनी की रक्षा करने के लिए कुछ सावधानियाँ रखना बुद्धिमानी है। पानी ज्यादा मात्रा में पीना चाहिये। किडनी में चोट लगने की संभावना वाले खेलों में भाग नहीं लेना चाहिये। पेशाब में संक्रमण तथा पथरी होने पर तुरंत योग्य उपचार कराना चाहिये। डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिये। साल में एक बार डॉक्टर के पास जाकर अपना ब्लडप्रेशर नपवाना चाहिये तथा डॉक्टर की दी गई सलाह के अनुसार खून और पेशाब की जाँच एवं किडनी की सोनोग्राफी जाँच कराना चाहिये। किसी भी प्रकार के उपचार अथवा ऑपरेशन कराने से पहले शरीर में एक ही किडनी है- इसकी जानकारी डॉक्टर को देना चाहिये। उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण, नियमित कसरत, स्वस्थ एवं संतुलित आहार और दर्दनाशक दवाइयों का परित्याग करना आवश्यक है। अगर डॉक्टर ने सलाह दी है तो उच्च प्रोटीनयुक्त आहार से बचना चाहिए और नमक (सोडियम) के सेवन पर प्रतिबंध रखना चाहिए। एक किडनी वाले व्यक्ति को डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए ? एक ही किडनी वाले मरीज को तुरंत डॉक्टर से तुरंत संपर्क स्थापित करना चाहिए यदि बुखार, पेशाब में जलन या लाल पेशाब हो । पेशाब का अचानक कम होना या पूर्ण रूप से बंद होना। एक किडनी जो बढ़ी हुई है उस पर आकस्मित चोट लगना। दर्द के लिए दवा लेने की आवश्यकता होना। नैदानिक परीक्षण के लिए एक्सरे का उपयोग करने की आवश्यकता होना। एक ही किडनीवाले व्यक्तियों को चिन्ता नहीं करनी चाहिए, परन्तु उन्हें सतर्कता रखनी जरुरी है। स्त्रोत: किडनी एजुकेशन फाउंडेशन